भिलाई में 65.68 लाख की धोखाधड़ी, कंपनी के डायरेक्टर समेत तीन पर FIR

भिलाई में 65.68 लाख की धोखाधड़ी, कंपनी के डायरेक्टर समेत तीन पर FIR


🔴कृषि उत्पादों के कारोबार से जुड़ा मामला

भिलाईनगर, 12 सितंबर 2026। नेवई थाना क्षेत्र में कृषि उत्पादों के कारोबार से जुड़े करीब 65 लाख 68 हजार 423 रुपये के कथित गबन और धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने कंपनी की डायरेक्टर सहित तीन लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने प्रार्थी राजेंद्र सिंह की शिकायत और न्यायालय के आदेश के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धारा 409, 420, 34 भादवि के तहत अपराध क्रमांक 0597/26 दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, आशीष नगर पश्चिम रिसाली निवासी राजेंद्र सिंह (50) ने शिकायत में बताया कि उनके पुत्र हिमांशु सिंह की फर्म मेसर्स पिनाका एसोसिएट्स को विक्रांत एग्रोकेम इंडस्ट्रीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारिका रेसीडेंसी कॉलोनी, आगरा (उ.प्र.) ने 1 जुलाई 2020 को अनुबंध के तहत दुर्ग और रायपुर संभाग में कंपनी के कीटनाशक एवं अन्य कृषि उत्पादों की बिक्री के लिए डिस्ट्रीब्यूटर नियुक्त किया था।

शिकायत के अनुसार, अनुबंध के तहत गोदाम किराया, विभिन्न उत्पादों पर कमीशन और अन्य भुगतान किए जाने थे। जुलाई 2020 से दिसंबर 2020 के बीच कंपनी की ओर से करीब 92.18 लाख रुपये का माल उपलब्ध कराया गया, जबकि फर्म के माध्यम से करीब 63.26 लाख रुपये का माल विक्रय किए जाने का उल्लेख शिकायत में है।

65.68 लाख रुपये बकाया होने का दावा

राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि कंपनी के अधिकृत व्यक्तियों के निर्देश पर विभिन्न कारोबारियों और कंपनी के कर्मचारियों को बड़ी मात्रा में माल उपलब्ध कराया गया। शिकायत में जीएसटी संबंधी नुकसान, वापस किए गए स्टॉक का भुगतान नहीं होने, गोदाम का किराया और अनुबंध के तहत मिलने वाले कमीशन समेत विभिन्न मदों को मिलाकर 65,68,423 रुपये की राशि बकाया होने का दावा किया गया है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि करीब दो वर्षों से कंपनी के संचालकों और डायरेक्टरों से बकाया राशि की मांग की जा रही थी, लेकिन उन्हें भुगतान के नाम पर लगातार गुमराह किया गया। बाद में राशि मांगने पर कथित रूप से झूठे मामले में फंसाने की धमकी भी दी गई।

माल वापस लेने के बाद भी भुगतान नहीं करने का आरोप

शिकायत में यह भी उल्लेख है कि 19 जून 2025 को कंपनी से जुड़े रामानुज शर्मा ने फोन कर कंपनी का संपूर्ण माल वापस भेजने को कहा था। उनके निर्देश पर माल भेजे जाने के बावजूद शिकायतकर्ता के अनुसार आज तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया।

राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने एक राय होकर पूर्व से धोखा देने की नीयत से उनके साथ आपराधिक न्यास भंग और धोखाधड़ी की तथा राशि का दुरुपयोग किया।

मामले में श्रीमती मिथलेश शर्मा, रामानुज शर्मा और विष्णु प्रसाद धीवर को आरोपी बनाया गया है। नेवई पुलिस ने न्यायालय के आदेश के बाद शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर लिया है और मामले से जुड़े दस्तावेजों, लेन-देन तथा कंपनी और डिस्ट्रीब्यूशन से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर विवेचना आगे बढ़ाई जा रही है।