दुर्ग के 60 पेट्रोल पंप हुए ड्राई, नहीं मिल रहा पेट्रोल-डीजल, कृषि कार्य और मालवाहक वाहनों पर गहराया संकट, वाहन ले भटक रहे हैं लोग, समाधान के लिए जिला प्रशासन ने तेल कंपनी के साथ आज रखी बैठक

दुर्ग के 60 पेट्रोल पंप हुए ड्राई, नहीं मिल रहा पेट्रोल-डीजल, कृषि कार्य और मालवाहक वाहनों पर गहराया संकट, वाहन ले भटक रहे हैं लोग, समाधान के लिए जिला प्रशासन ने तेल कंपनी के साथ आज रखी बैठक


दुर्ग के 60 पेट्रोल पंप हुए ड्राई, नहीं मिल रहा पेट्रोल-डीजल, कृषि कार्य और मालवाहक वाहनों पर गहराया संकट, वाहन ले भटक रहे हैं लोग, समाधान के लिए जिला प्रशासन ने तेल कंपनी के साथ आज रखी बैठक

भिलाई नगर, 20 जून। दुर्ग भिलाई शहर सहित जिले के 60 पेट्रोल पंप ड्राई हो गए हैं । पेट्रोल डीजल के लिए जिले के नागरिक तरस रहे हैं। जबकि पेट्रोल एवं डीजल के आपूर्ति करता कंपनी में दो कंपनियां बीपीसीएल एवं एचपीसीएल पेट्रोल पंप डीलरों को मांग की अपेक्षा आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। विगत 1 सप्ताह से अग्रिम राशि का भुगतान करने के बावजूद पेट्रोल एवं डीजल भिलाई दुर्ग सहित जिले के पंप को मांग के अनुरूप नहीं मिल पा रहा है। आगे स्थिति और भी अधिक भयावह होने की उम्मीद है। संभवत जिले के नागरिकों को अपने-अपने वाहनों को तेल के अभाव में खड़ा करना पड़ सकता है। हालांकि जिला प्रशासन के द्वारा इस स्थिति को भांपते हुए आज तेल सप्लायर कंपनी के अधिकारियों के साथ जिला खाद्य नियंत्रक सीपी दीपांकर द्वारा बैठक रखी गई है। ताकि इस गंभीर विषय का समाधान निकाला जा सके । दूसरी ओर दुर्ग भिलाई पेट्रोल पंप डीलर वेलफेयर एसोसिएशन ने कहां है कि 100 पेट्रोल पंप में से जिले के 60 पेट्रोल पंप ड्राई हो चुके हैं। यदि शीघ्र ही सकारात्मक कदम तेल के आपूर्तिकर्ता कंपनियों के द्वारा नहीं उठाए गए तो शहर में नागरिकों को पेट्रोल नहीं मिल पाएगा।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 120 डॉलर प्रति बैरल तक जा पहुंचे हैं लेकिन पेट्रोल-डीजल की कीमतें एक महीने से स्थिर हैं। भारतीय तेल कंपनियों ने आज 20 जून को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे पहले आखिरी बार 21 मई को मोदी सरकार ने उत्पाद शुल्क यानी एक्साइज ड्यूटी में कटौती की थी, जिससे पेट्रोल और डीजल सस्ता हुआ था। कीमतों को लेकर जनता को राहत तो मिली थी परंतु अब पेट्रोल एवं डीजल की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार से खपत के मुताबिक सरकार के द्वारा क्रूड ऑयल की खरीदारी की जा रही है परंतु आपूर्तिकर्ता कंपनी में इंडियन ऑयल बीपीसीएल एवं एचपीसीएल पेट्रोल एवं डीजल पंप के डीलरों को तेल की आपूर्ति मांग के अनुरूप नहीं कर पा रही है जिसके दुर्ग जिले के 60% पेट्रोल पंप में पेट्रोल एवं डीजल उपलब्ध नहीं है जिसके कारण ग्राहकों को पेट्रोल एवं डीजल प्राप्त करने के लिए विकल्प तलाशने पढ़ रहे हैं। एक पंप छोड़कर दूसरे पंप ग्राहक पहुंच रहे हैं। ताकि उनके वाहनों को गतिशीलता प्रदान कर सके। 

विगत 3 माह से एचपीसीएल डीलरों को नहीं दे पा रहा तेल

विगत तीन माह से एचपीसीएल कंपनी के द्वारा पेट्रोल एवं डीजल पंप डीलरों को पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति नहीं कर पा रहा है । जिसके कारण एचपीसीएल के लगभग सभी पेट्रोल पंप ड्राई होकर बंद पड़े हुए । इसके चलते इंडियन ऑयल एवं बीपीसीएल कंपनी के ऊपर अत्यधिक दबाव आ रहा है। परंतु अब बीपीसीएल के द्वारा भी सामान्य दिनों की तरह पेट्रोल पंप डीलरों को तेल की सप्लाई मांग के अनुरूप नहीं कर पा रहे हैं। जिसके कारण बीपीसीएल के पंप भी अब ड्राई होने लगे हैं ग्राहकों को बीपीसीएल के पेट्रोल पंप से भी बिना तेल के वापस लौटना पड़ रहा है।

अग्रिम भुगतान के बाद भी नहीं मिल रहा तेल एसोसिएशन

दुर्ग-भिलाई पेट्रोल पंप डीलर वेलफेयर एसोसिएशन के द्वारा स्पष्ट तौर पर आरोप लगाया गया है कि एचपीसीएल के बाद अब बीपीसीएल भी मांग के अनुरूप केवल 50 फ़ीसदी सी तेल की सप्लाई कर पा रहे हैं जिसके कारण शहर के अब करीबन 100 पेट्रोल पंप में से अब साथ पेट्रोल पंप में तेल उपलब्ध नहीं है जिसके कारण जिले के नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है पेट्रोल पंप डीलरों के द्वारा अग्रिम राशि का भुगतान करने के बाद भी विगत 1 सप्ताह से बीपीसीएल के द्वारा तेल की सप्लाई नहीं की जा रही है। जिसके कारण अब नया संकट उत्पन्न हो गया है यदि शीघ्र ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में जिले के नागरिकों को पेट्रोल एवं डीजल नहीं मिल पाएगा।

जिला प्रशासन के साथ तेल आपूर्ति कंपनियों के अधिकारियों की बैठक आज

भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड बीपीसीएल टेरिटरी मैनेजर पीएम श्रमिक पांचाल से सीजी न्यूज़ ऑनलाइन वेब पोर्टल के द्वारा सीधी बातचीत की गई उनके द्वारा स्पष्ट किया गया कि एचपीसीएल की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण पूरा दबाव बीपीसीएल एवं आईओसीएल कंपनी के ऊपर आ रहा है परंतु संसाधन सीमित होकर होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है फिर भी आज जिला खाद्य नियंत्रक सीपी दीपांकर के साथ दुर्ग में बैठक होनी है और समस्या का समाधान होने की उम्मीद है।

बाजार में सप्लाई की तुलना में डिमांड ज्यादा

भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड के सेल्स मैनेजर वैभव लाखे ने सीजी न्यूज़ ऑनलाइन से चर्चा करते हुए कहां की जिले में बीपीएल पेट्रोल पंप के संख्या अपेक्षाकृत काफी कम है। इसके बावजूद लगातार केवल एक डिपो के माध्यम से तेल की आपूर्ति करने का प्रयास उनकी कंपनी के द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने उदाहरण के तौर पर बताया कि पाटन में एचपीसीएल के चार पेट्रोल पंप है चारों ही पेट्रोल पंप ड्राई है। ऐसे में बीपीसीएल का एक पेट्रोल पंप से आपूर्ति संभव नहीं है। इसी प्रकार से अन्य क्षेत्रों में भी यही स्थिति बनी हुई है । उन्होंने स्वीकार किया कि डीलरों के द्वारा अग्रिम भुगतान करने के बावजूद भी सीमित साधनों के कारण मांग के अनुरूप सप्लाई नहीं हो पा रही है। बाजार में मांग अत्यधिक है उसकी तुलना में सप्लाई के संसाधन सीमित है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके कंपनी के द्वारा  विगत माह 43 फ़ीसदी ज्यादा मात्रा में तेल विक्रय किया गया है। वर्तमान हालात में अत्यधिक मांग होने के कारण सप्लाई नहीं कर पा रहे हैं। डीलरों के द्वारा अग्रिम भुगतान करने के बावजूद वे सप्लाई नहीं दे पा रहे हैं। पंप के हालात ऐसे हैं कि सुबह पूरा भंडार तेल का उपलब्ध होने के बावजूद शाम तक खाली हो जा रहे हैं। इसमें बीपीसीएल कंपनी की कोई और से  कमी नहीं है। वर्तमान में कृषि क्षेत्र से ट्रांसपोर्टिंग क्षेत्र से अत्यधिक दबाव होने के कारण भी मांग बढ़ गई है। एक-दो हफ्ते में स्थिति सामान्य हो जाएगी।