🔴BAKS ने शीर्ष नेतृत्व से की हस्तक्षेप की मांग
भिलाईनगर, 13 सितंबर 2026। सेल कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों के लंबे समय से लटके रहने को लेकर बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ (BAKS) ने सेल प्रबंधन के मानव संसाधन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। यूनियन का दावा है कि सेल कॉर्पोरेट स्तर पर कर्मचारियों से जुड़े 45 से अधिक मुद्दे वर्षों से लंबित हैं, जबकि 5 से अधिक बड़े मुद्दों को न्याय नहीं मिलने के कारण न्यायालय की शरण में ले जाना पड़ा है।
BAKS ने लंबित मुद्दों की विस्तृत सूची जारी करते हुए इनके निराकरण के लिए प्रधानमंत्री, केंद्रीय इस्पात मंत्री, इस्पात राज्य मंत्री, इस्पात सचिव, डीपीई सचिव, श्रम सचिव, मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय), सेल चेयरमैन और निदेशक कार्मिक को पत्र भेजा है। यूनियन ने शीर्ष नेतृत्व से सेल प्रबंधन को लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश देने की मांग की है।
वेज रिवीजन और बोनस फॉर्मूले में धांधली के आरोप, कोर्ट पहुंचा मामला
यूनियन के अनुसार, सेल कर्मचारियों के कई महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट स्तर के मुद्दों का वर्षों से समाधान नहीं हो सका है। इनमें वेज रिवीजन 2017 में कथित अनियमितता, बोनस फॉर्मूले में कथित गड़बड़ी, एनजेसीएस में सुधार और भिलाई इस्पात संयंत्र में यूनियन चुनाव जैसे मुद्दे शामिल हैं। इन मामलों में न्याय के लिए न्यायालय में प्रकरण दायर किए जाने की बात भी यूनियन ने कही है।
BAKS का आरोप है कि सेल प्रबंधन की नीतियों के कारण कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे लगातार लंबित होते जा रहे हैं। यूनियन का कहना है कि प्रबंधन स्तर पर समाधान नहीं मिलने के बाद अब देश के शीर्ष नीति-निर्धारकों के समक्ष मामला उठाया गया है।
इन 45 मुद्दों पर कार्रवाई की मांग
BAKS द्वारा जारी सूची में नए श्रम कानूनों के तहत सेल एवं उसकी इकाइयों में वार्ताकारी संघ/परिषद के गठन, 2007 इंसेंटिव/रिवार्ड फॉर्मूले में संशोधन, स्टैगनेशन इंक्रीमेंट, हाउस परक्विजिट पर आयकर छूट, फेस्टिवल एडवांस में वृद्धि और बच्चों की छात्रवृत्ति राशि में संशोधन जैसे मुद्दे शामिल हैं।
इसके अलावा आवास ऋण, वाहन ऋण, लैपटॉप/कंप्यूटर एडवांस, फर्नीचर एडवांस, मोबाइल सेट व इंटरनेट/कॉलिंग सुविधा, शिक्षा भत्ता, लीव बैंक की स्थापना और छुट्टियों की संख्या बढ़ाने की मांग भी की गई है।
यूनियन ने आगामी वेज रिवीजन 2027 में E-0 ग्रेड के पे-स्केल में वृद्धि, विभिन्न ग्रेड के पे-स्केल के बीच अंतर को अधिकारी वर्ग के अनुरूप करने, पदनाम में सुधार और सुपरवाइजरी कैडर के गठन की मांग भी उठाई है।
सुरक्षा, दुर्घटना मुआवजा और चिकित्सा सुविधाओं से जुड़े मुद्दे भी शामिल
कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर कार्यस्थल पर दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा दुर्घटना में मृत्यु होने पर अनुग्रह राशि बढ़ाने की मांग की गई है। कर्मचारियों के दुर्घटना बीमा को सेल फंड से कराने, सेल स्तर पर मेडिकल कार्ड/चिकित्सा पुस्तिका जारी करने और निसंतान कर्मचारियों को टेस्ट ट्यूब बेबी सुविधा का लाभ देने का मुद्दा भी सूची में शामिल है।
इसके साथ ही शिफ्ट रोटेटिंग अलाउंस, आवास अनुरक्षण भत्ता, ACR/CCR जारी करने के लिए स्पष्ट सर्कुलर, पारदर्शी स्थानांतरण नीति, उच्च ग्रेड में प्रतिनियुक्ति के लिए इंटरनल सर्कुलर और E-0/JO परीक्षा नीति में सुधार की मांग की गई है।
पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ के मुद्दे भी लंबित
BAKS ने सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले उपहार में बदलाव, 30 प्रतिशत सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान सुनिश्चित करने, NPS में 9 प्रतिशत पेंशन अंशदान का प्रत्येक तिमाही लाभ के साथ भुगतान, PF ट्रस्ट के गठन और SESBF की राशि कर्मचारियों को लौटाने की मांग की है।
इसके अलावा जनवरी 2012 से अक्टूबर 2021 तक की अवधि के सेल पेंशन मद में अधिकारियों के तर्ज पर भुगतान, एक्टिंग अलाउंस में संशोधन, उच्च शिक्षा लेने वाले कर्मचारियों के प्रोत्साहन राशि में वृद्धि और अस्पताल कर्मचारियों के ड्रेस भत्ते में संशोधन की मांग भी की गई है।
कर्मचारियों के मुद्दे अटकाने में सेल नंबर-1 : रणधीर कुमार
BAKS के कार्यकारी अध्यक्ष रणधीर कुमार ने कहा कि सेल प्रबंधन द्वारा रिकॉर्ड स्तर पर कर्मचारियों के मुद्दों को अटकाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के मुद्दे लंबित रखने के मामले में सेल प्रबंधन ने सभी कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि यूनियन ने अब प्रधानमंत्री से लेकर इस्पात मंत्रालय, इस्पात सचिव, श्रम विभाग, डीपीई, सेल चेयरमैन और निदेशक कार्मिक तक मामला पहुंचाया है। यूनियन ने मांग की है कि शीर्ष नेतृत्व हस्तक्षेप कर सेल प्रबंधन को वर्षों से लंबित कर्मचारियों के मुद्दों का समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दे।

