दुर्ग जिले में स्वाइन फ्लू के 4 नए मरीज मिले, एक्टिव मामलों की संख्या 10 हुई

दुर्ग जिले में स्वाइन फ्लू के 4 नए मरीज मिले, एक्टिव मामलों की संख्या 10 हुई


दुर्ग, 4 सितंबर 2026। दुर्ग जिले में स्वाइन फ्लू (Influenza A/H1N1) के चार नए पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार चारों मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती हैं और उनका चिकित्सकीय उपचार जारी है। वर्तमान में सभी मरीजों की स्थिति सामान्य बताई गई है।

कलेक्टर दुर्ग के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी, जिला सर्वेलेंस अधिकारी आईडीएसपी डॉ. सी.बी.एस. बंजारे एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक एनएचएम सुश्री भूमिका वर्मा के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक निगरानी एवं नियंत्रण संबंधी कार्रवाई की जा रही है।

एक महीने में 26 पॉजिटिव प्रकरण

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक जिले में स्वाइन फ्लू के कुल 26 धनात्मक प्रकरण मिले हैं। इनमें से वर्तमान में 10 मरीज एक्टिव हैं। इनमें 7 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 3 मरीज होम आइसोलेशन में रहकर उपचार ले रहे हैं।

विभाग द्वारा नए पॉजिटिव प्रकरण सामने आने पर मरीजों के संपर्क में आए लोगों की कांटेक्ट ट्रेसिंग की जा रही है। साथ ही मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग भी की जा रही है।

क्या है स्वाइन फ्लू?

स्वाइन फ्लू श्वसन तंत्र का संक्रमण है, जो Influenza A वायरस के कारण होता है। इसका सामान्य इनक्यूबेशन पीरियड 1 से 2 दिन होता है। संक्रमित व्यक्ति में लक्षण शुरू होने के बाद लगभग 3 से 5 दिन तक संक्रमण फैलने की संभावना रहती है। इसका प्रसार मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने और ड्रॉपलेट संक्रमण के माध्यम से होता है।

इसके प्रमुख लक्षणों में सर्दी, खांसी, बुखार और बदन दर्द शामिल हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने दी सावधानी बरतने की सलाह

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रूमाल, टिश्यू या कोहनी से ढकने, बार-बार साबुन-पानी से हाथ धोने अथवा सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने की अपील की है। आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचने तथा संक्रमित व्यक्ति से उचित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य संस्था से संपर्क करने और पर्याप्त आराम, नींद, पानी तथा पौष्टिक भोजन लेने को कहा गया है। होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को अपनी स्वास्थ्य स्थिति की नियमित निगरानी करने तथा हालत बिगड़ने पर तत्काल अस्पताल जाने की सलाह दी गई है।

डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न लें

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बीमारी के लक्षण होने पर स्कूल, कार्यालय अथवा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। अभिवादन के दौरान हाथ मिलाने और गले मिलने से बचें तथा डॉक्टर की सलाह के बिना दवाइयों का सेवन न करें।

स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि घबराने की आवश्यकता नहीं है। सतर्क रहें, स्वच्छता का पालन करें और लक्षण दिखाई देने पर समय पर स्वास्थ्य संस्था से संपर्क करें। संक्रमण के प्रसार को रोकने में आमजन से सहयोग की अपील की गई है।