रस्तोगी कॉलेज की 39 छात्राएं फूड प्वाइजनिंग की हुई शिकार, उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती, कॉलेज प्रबंधन ने प्रशासन को नहीं दी सूचना, निजी अस्पताल की सूचना पर पहुंचा स्वास्थ्य विभाग, विद्यार्थियों ने लगाया बासी खाना खिलाने का आरोप
भिलाई नगर, 1 अगस्त। मॉडल टाउन क्षेत्र में संचालित रस्तोगी नर्सिंग कॉलेज की 39 छात्राएं फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गईं हैं। सभी छात्राओं को नेहरू नगर के हाईटेक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले का खुलासा हाईटेक पताल प्रबंधन के द्वारा जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय को सूचित करने के बाद हुआ है 4 दिन पुराने इस मामले में रस्तोगी कॉलेज प्रबंधन के द्वारा इस संबंध में जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को सूचना देना तक मुनासिब नहीं समझा। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भिलाई नगर निगम महापौर नीरज पाल के द्वारा स्वयं अस्पताल पहुंचकर स्वास्थ्य के संबंध में चर्चा की। छात्राओं द्वारा बताई गई कमाई के आधार पर महापौर ने कलेक्टर से कहा है कि शहर के सभी अब कल में खाने की गुणवत्ता की जांच की जाए एवं प्रत्येक का परीक्षण किया जाए । जिला स्वास्थ्य कार्यालय की ओर से टीम के द्वारा छात्रावास में पहुंचकर खाद्य पदार्थ एवं पानी के सैंपल भी एकत्रित किए गए हैं सभी सैंपल को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला में भेज दिया गया है।

रस्तोगी कॉलेज, भिलाई में प्रधानमंत्री कौशल स्किल कोर्स वाले आवासीय छात्राओं के उल्टी-दस्त होने की सूचना हाईटेक अस्पताल, भिलाई द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दुर्ग को प्राप्त हुई। जिसके तारतम्य में कलेक्टर दुर्ग के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से जाँच टीम में स्वयं डॉ. जे.पी. मेश्राम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सी. बी. एस. बंजारे, जिला सर्वेलेंस अधिकारी, आईडीएसपी, डॉ. मनोज दानी, एम.डी. मेडिसिन स्पेशलिस्ट, जिला चिकित्सालय, दुर्ग, सुश्री रितीका सोनवानी, जिला एपिडेमोलॉजिस्ट, दुर्ग एवं भिलाई रेपिड रिस्पांस टीम (कॉम्बेट टीम ) तुषार वर्मा, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक भिलाई एवं उनके टीम के द्वारा संयुक्त रूप से हाईटेक अस्पताल में भर्ती 39 छात्राओं को उल्टी-दस्त से संक्रमित पाया गया एवं वर्तमान में सभी विद्यार्थी भर्ती है तथा उपचार जारी है।

रस्तोगी कॉलेज के महिला छात्रावास (वी – 1 ) में कुल 200 छात्रायें अध्ययनरत है। जिसके तहत जॉच टीम द्वारा छात्रावास का भी निरीक्षण किया गया एवं नगर निगम भिलाई के स्वास्थ्य अधिकारी एवं उनके टीम द्वारा आर.ओ. के पानी और वाटर कुलर के पानी को क्लिनिकल जाँच हेतु लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग दुर्ग सेंपल लेकर भेजा गया है। वर्तमान में हाईटेक अस्पताल में भर्ती सभी 39 मरीज उपचाररत हैं एवं हाईटेक अस्पताल प्रशासन द्वारा बताया गया कि सभी स्वस्थ है एवं गंभीर स्थिति नहीं है।

शुक्रवार को कुछ छात्राओं को फूड प्वाइजनिंग की शिकायत हुई थी। प्रबंधन ने उन्हें उपचार के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया, इसके बाद एक-एक कर और भी छात्राओं की तबीयत बिगड़ती चली गई। बताया जा रहा है कि हास्टल के मेस का खाने को लेकर आपत्ति जताई जा रही है, जिसकी जांच की जा रही है। भर्ती छात्राओं ने बताया कि मेस में घटिया खाना दिया जाता है। जानकारी मिलते ही महापौर नीरज पाल जब बीमार छात्राओं से बात की तो उन्होंने बताया कि मेस में उन्हें घटिया खाना दिया जाता था, वहां बासी खाना खिलाया जाता है। दाल पानी की तरह होती है, सब्जी, चावल व रोटी की क्वालिटी बिल्कुल खराब है। बासी व खराब खाना खाने से ही उनकी तबीयत बिगड़ी है। नीरज पाल ने आदेश दिया है कि भिलाई नगर निगम क्षेत्र में जितने भी कॉलेज व अन्य हॉस्टल हैं उसकी एक-एक करके जांच की जाए, वहां दिए जाने वाले खाने के मेन्यू और मिलने वाले खाने की जांच कर देखा जाए यदि कहीं भी कोई कमी पाई जाती है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

जानकारी मिलते ही भिलाई नगर निगम के मेयर नीरज पाल, आयुक्त लोकेश चंद्राकर, उपायुक्त अशोक द्विवेदी सहित अन्य लोग पहुंचे। महापौर नीरज पाल ने दुर्ग कलेक्टर से बात की और मामले की जांच कराने कहा। निगम आयुक्त खुद मामले की जांच करा रहे हैं।

बीमार छात्राओं की सूची

