दो राष्ट्र बनाने का प्रस्ताव सावरकर का, जिन्ना ने दिया था समर्थन, भाजपा ने गांधी, सरदार पटेल, तिरंगा को अपनाया तो गोडसे…… भी कहे – भूपेश

दो राष्ट्र बनाने का प्रस्ताव सावरकर का, जिन्ना ने दिया था समर्थन, भाजपा ने गांधी, सरदार पटेल, तिरंगा को अपनाया तो गोडसे…… भी कहे – भूपेश


दो राष्ट्र बनाने का प्रस्ताव सावरकर का, जिन्ना ने दिया था समर्थन, भाजपा ने गांधी, सरदार पटेल, तिरंगा को अपनाया तो गोडसे…… भी कहे – भूपेश

भिलाई नगर 14 अगस्त। वीर सावरकर ने अंग्रेजों के फूट डालो और राज करो की नीति के समर्थन में आग में घी डालने की तरह कार्य किया । देश के बंटवारे का प्रस्ताव सावरकर था। जिसका समर्थन 1937 में मोहम्मद अली जिन्ना ने किया था। देश के बंटवारे के लिए दो ही व्यक्ति सावरकर एवं जिन्ना जिम्मेदार हैं। भारतीय जनता पार्टी ने गांधी, सरदार पटेल एवं तिरंगा को अपना लिया है। ऐसे में गोडसे मुर्दाबाद का नारा भी लगाना चाहिए उपरोक्त बातें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा पाटन में पद यात्रा समापन समारोह के दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही।

भूपेश बघेल ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर 9 अगस्त से पदयात्रा एवं भारत छोड़ो कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ में किया गया था। प्रदेश के सभी विधानसभा में लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है। पाटन क्षेत्र में भी यह पदयात्रा लगातार आयोजित की जाती रही है। आज पाटन में पदयात्रा में शामिल होने आया हूं। 

संविधान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जा रहा है

संविधान को तोड़ मरोड़ कर पेश किए जाने के सवाल पर श्री बघेल ने कहा कि संविधान के तहत जो अधिकार मिला है। उसके तथ्यों को लगातार तोड़ मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। जितने भी संवैधानिक संस्थाएं हैं न्यायपालिका है। उसको दूर करने की कोशिश की जा रही है। हर प्रकार से जितने भी संविधान में हम लोगों को अधिकार मिले हैं चाहे महिला, पुरुष, किसान, मजदूर, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लिए व्यवस्था दी गई है। सभी अधिकारों को दबाया जा रहा है।

दो राष्ट्र बनाने का प्रस्ताव सावरकर का, जिन्ना ने किया समर्थन

भाजपा का आरोप है कि देश के बंटवारे में कांग्रेस का हाथ है के सवाल पर उन्होंने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में भाजपा की क्या भूमिका थी। सावरकर जेल जाने से पहले निश्चित रूप से क्रांतिकारी थे। परंतु जेल में रहते हुए उनके द्वारा अंग्रेजों से माफी मांगी गई एवं जेल से बाहर निकलने के बाद उन्होंने पूरे जीवन अंग्रेजो के खिलाफ कोई मुखालफत नहीं कि पूरा जीवन अंग्रेजों के सिद्धांत फूट डालो और राज करो में आग में घी डालने का कार्य किया है । बंटवारे का प्रस्ताव दो राष्ट्र बनाने का प्रस्ताव सावरकर का था और मोहम्मद अली जिन्ना के द्वारा सन 1937 में समर्थन किया था। देश के बंटवारे के लिए केवल दो ही व्यक्ति सावरकर एवं जिन्ना ही जिम्मेदार है।

एक सवाल के जवाब में श्री बघेल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने गांधी को सरदार पटेल को तिरंगा को अपना लिया है भाजपा के कार्यालयों में कभी भी तिरंगा नहीं फहराया इसलिए उन्हें गोडसे मुर्दाबाद के नारे भी लगाने चाहिए।